PUBG NEWS ALERT:- PUBG खेलने  की समय सीमा केवल 6 घंटे प्रति दिन है:-

भारत में युवाओं के बीच सबसे ज्यादा लोकप्रिय ऑनलाइन गेम पबजी (PUBG) को लेकर पिछले कई महीनों से बवाल हो रहा है। कई बार तो पबजी मोबाइल को भारत में बंद करने की मांग के चलते, गुजरात के कई शहरों में पबजी पर बैन भी लगाया गया है और 10 लोगों को प्रतिबंध के बावजूद पबजी गेम खेलते हुए पुलिस ने पकड़ा भी है। लेकिन Pubg Game का Craze बढ़ता ही चल गया तो अब सरकार दवारा घोषणा की PUBG NEWS ALERT:- PUBG खेलने  की समय सीमा केवल 6 घंटे प्रति दिन है:- 

पबजी गेम के चलते भारतीय ऑनलाइन गेम एसोसिएशन को कई बार शिकायत मिली है की इस से विधार्थी जीवन में खलल पड़ता है और मनुष्य मानसिक और शारीरिक रूप से हिंसक होता जा रहा है Pubg Mobile Support ने कहा है की इंडिया में पबजी गेम खेलने की समय सिमा निर्धरित की है जिस में यह कहा गया है गेमिंग एक्सपर्ट के अनुसार PUBG NEWS ALERT:- PUBG खेलने की समय सीमा केवल 6 घंटे प्रति दिन है:- अब भारत में सिर्फ पुबज एक मोबाइल यूजर दवारा एक दिन में मात्र घंटे ही खेल पाएंगे

PubG वाला हैं क्या?

PubG वाला हैं क्या?
PubG वाला हैं क्या?

 

  ‘पहले मेरा बेटा पढ़ाई में बहुत होशियार था. मगर कुछ समय से ऑनलाइन गेम की तरफ उसका झुकाव हो गया है. और अब मैं उसे समझाने में असफल हूं.’

 

                                          अपने बेटे के लिए एक मां ने प्रधानमंत्री से मार्गदर्शन की चाह में कुछ ये कहा.

 

प्रधानमंत्री सवाल के बीच में ही हंस पड़े थे. सवाल ख़त्म होने पर कॉमिक पंच मारते हुए अंदाज़ में बोले, ‘ये पबजी वाला है क्या?

पूरा ऑडिटोरियम ठहाको से गुजंने लगा. इस बीच चिंतित मां भी हंस पड़ी. और वह बैठे दर्शक तालिया बजने लगे . इसके बाद प्रधानमंत्री ने ‘फ्रंटलाइन’ का भी जिक्र किया.

frontline game
frontline game

Pubg का पूरा नाम  (Full Foam oF Pubg Game)

जिन्हें फ्रोंटलाइन के बारे में पता न हो, तो उन्हें बता दूं कि पबजी (PubG) और फ्रंटलाइन गेम हैं. पबजी गेम का मतलब प्लेयर्स अननोन बैटलग्राउंड. ये दोनों ही शूटिंग के गेम की तरह  हैं. यानी प्लेयर के पास वर्चुअली बंदूकें, टैंक, बम वगैरह सभी हथियार होते हैं. वो दुश्मनों का सामना करते हुए .उन्हें उड़ा देते हैं. उनका सामान लूटकर आगे बढ़ जाते हैं.

जब से वीडियो गेम्स का चलन हुआ हैं, तब से ही वे लोगो के बीच मनोरंजन का हिस्सा रहे हैं. मारियो, पैकमैन, नोकिया के  फोन में खेला जाने वाला स्नेक, पिनबॉल इत्यादि की-पैड हैंडसेट गेम्स से हमारी इतनी यादें जुड़ी हैं. कि इनका नाम सुनते ही बचपन की यादे याद आने लगती है. लेकिन ये सोचकर डर सा  लगता है कि आज जो पीढ़ी  बड़ी हो रही है, उन्हें  नास्टैल्जिया ( लालसा / तड़प ) पबजी का हिस्सा तो नहीं होगा.

पबजी (PUBG) और बचपन (PUBG Addicted Story)

सुरेश (बदला हुआ नाम) ने कहा के वो दिन आज भी याद है जब उनके बेटे आरव के कॉलेज से फोन आया. कि आरव ने कुछ ऐसे जरुरी कागज़ात जमा नही किए हैं जो उसको एडमिशन के लिए जरूरी हैं. आरव के पिता सुरेश को लगा कि ये लापरवाही की  एक आम बात  होगी उनके होश तो तब फाख्ता हो गए इसके पीछे की असलियत का पता चला। आरव को कागज जमा करने की आखिरी तारीख याद थी, और ही उसने अपने प्रोजेक्ट ख़त्म किये थे और ही बीते 35 घंटे से कुछ खाया था. कि वो लगातार वीडियो गेम डोटा-2 खेल रहा था.’

PUBG Addicted Story
PUBG Addicted men

लेख में आगे लिखा हुआ है कि सुरेश  और उनके बेटे आरव की समस्या यहां ख़त्म नहीं होती . आरव उस डोटा-२ नाम के गेम का इतना बड़ा एडिक्ट हो चुका था कि उसका वजन घटने लगा था. और  जब उसका लैपटॉप और मोबाइल उससे छीना गया, तो उसने घरवालों को आठवें फ्लोर से कूदकर आत्महत्या करने की धमकी दी डाली . गुस्से में एक दरवाजा भी तोड़ डाला. आरव  को अंततः दिमाग के अस्पताल ले जाना पड़ा.

बच्चों पर पड़ते इसके प्रभाव को देखते हुए  देश में कुछ जगह पबजी को बैन भी किया गया. और PUBG NEWS ALERT:- PUBG खेलने  की समय सीमा केवल 6 घंटे प्रति दिन है:- मगर जो चीज़ इंटरनेट पर मुफ्त में उपलब्ध हो जाये उसे बैन करना मुश्किल है. पबजी का दायरा सेंसर बोर्ड और सरकारी नियमो के बाहर था.

मगर बैटल गेम्स PUBG ही क्यों?

गेम्स दीवानगी तो कुछ साल पहले कैंडी क्रश गेम की भी थी. जो की फेसबुक से कनेक्ट होने की वजह से जिसके पास कैंडी क्रश नहीं था, वहां भी अपने अनगिनत लेवेल्स के साथ आगे  पहुंचा. मगर कैंडी क्रश या सबवे सर्फर जैसे गेम और बंदूकों वाले गेम्स में कुछ  बुनियादी फर्क है. की उबलते हुए खून का जोश, अगले को मार गिराने पर मिलने पर संतोष का, फर्क है आगे के रास्ते में मिलने वाली अनिश्चितताओं और दुश्मनो को मारकर उनसे हथियार छीनकर बहग जाने का  . मगर सबसे बड़ा फर्क है तो ताकत और मर्दानगी का, जिसका कैंडी क्रश जैसे गेम्स में कोई काम नहीं है.

लेकिन कैंडी क्रश एक घरेलू खेल की तरह खेले जाने वाला गेम आया और रह गया. उसे पूरे परिवार ने खेला. खासकर अधेड़ और उम्रदराज औरतों ने भी खेला , जिन्हें अबतक मालूम नहीं था कि वीडियो गेमिंग किस चिड़िया का नाम है.

कैंडी क्रश को लोगों ने अपने सभी कामो को निपटाकर खाली समय में खेला. जबकि पबजी के लिए समय निकाला गया और गेम खेलते खेलते कब टाइम बीत गया पता ही नहीं चला.। क्यों टीमें बनीं, अड्डे बने, लेवल पार किये और न जाने कब इसके आदि हो बन गए.

Gaming Expert’s:-

cyber game expert
video game expert

गेमिंग के जानकार कहते हैं कि पबजी जैसे बैटल गेम्स की सबसे ख़ास बात ये होती है कि आप वर्चुअल किसी से भी  इंटरैक्ट कर सकते हैं. यानी आप रियल टाइम दूसरे प्लेयर्स से बात कर सकते हैं.जिसमे आप अपने हथियार और पॉइंट्स आपस में शेयर कर सकते है गेमिंग एक्सपर्ट के अनुसार PUBG NEWS ALERT:- PUBG खेलने  की समय सीमा केवल 6 घंटे प्रति दिन है:-

गेम और मर्दानगी:-

ये संयोग कि बात नहीं है की क्यों पबजी अधिकतर लड्कों के बीच ही खेला गया. हांलांकि इंडिया में लड़कियों तक अब भी टेक्नोलॉजी नहीं पहुंची है, जैसे लड़कों के पास पहुंची है. लड़कों की टेक्नोलॉजी और मोबाइल फोन्स के प्रति सहजता का बढ़ना हो सकता है लेकिन  इसमें एक बड़ा फैक्टर यह  भी हो सकता है.

गेम और मर्दानगी:
गेम और मर्दानगी:

बैटल गेम्स यूजर को अपनी पहचान खुद चुनने का मौका देते हैं. क्योकि इसमें आप अपने कपड़े, हथियार, लिंग, बाल सब अपनी मर्जी से चुन सकते हैं. एक अवतार गढ़ सकते हैं. फिर उसे वर्चुअली स्क्रीन पर उसे देख अपने आप को  ये मानकर चलते हैं कि ये मैं ही हूं.

उसके बाद सैकड़ों लोगों को मारकर चिकन डिनर पाने का सुख कैसा होगा, इसका अंदाज़ा PUBG Mobile Game Lovers के दवारा  लगाया जा सकता है.

तो क्या ये गेम्स बुरे हैं?

वैसे तो कोई भी गेम तब तक अच्छा  है जब तक के हम इस के Addicated न हो क्या हैं pubg mobile game के फायदे और नुकसान दोनो है, मगर लोग क्यों फस जाते हैं इसके addiction में? … आखिर ये PUBG Mobile है क्या? …  कैसे आंखों पर बुरा असर डालता है.

यदि आप दिन-रात गेम खेलते हैं तो ऐसा करने से आपकी आंखों पर बुरा असर पड़ेगा क्योंकि कभी-कभार तो इसके मनुष्य हिंसक स्वभाव का भी बन जाता है – इस पॉपुलर टाइम में इस तरह के battle Ground से जुड़े गेम्स में मारधाड़ और खून खराबा भरपूर मात्रा में दिखाया जाता है.

 

 

 

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